**Vande Mataram Red Fort Debut: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार दिखेंगे ये 5 बड़े बदलाव, ‘तिरंगा’ पहुंचेगा पूर्व नक्सली इलाकों तक
नई दिल्ली: भारत 15 अगस्त 2026 को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास रहने वाला है। लाल किले पर पहली बार राष्ट्रीय गीत Vande Mataram का गायन होगा। वहीं इस वर्ष समारोह की थीम ‘Yuva Shakti’ रखी गई है, जिसमें युवा शक्ति और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका को प्रमुखता दी जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस के इस आयोजन का दायरा केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। छत्तीसगढ़ के उन इलाकों तक भी राष्ट्रीय ध्वज और देशभक्ति का संदेश पहुंचाने की तैयारी है, जो लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली विधानसभा को भी आम नागरिकों के लिए खोला जाएगा।
आइए जानते हैं 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की 5 बड़ी खास बातें।
1. लाल किले पर पहली बार गूंजेगा Vande Mataram

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है। राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ को लाल किले के परिसर में पहली बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
रक्षा सचिव आरके सिंह के अनुसार, स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ ने करोड़ों भारतीयों में देशभक्ति और संघर्ष की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री के लाल किले पहुंचने के बाद राष्ट्रीय गीत का गायन होगा। इसके बाद प्रधानमंत्री राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।
समारोह के दौरान भारतीय वायुसेना का Mi-17 हेलीकॉप्टर 150 वर्ष के ‘वंदे मातरम्’ की स्मृति वाला बैनर लेकर लाल किले के ऊपर से गुजरेगा और वहां मौजूद लोगों पर पुष्पवर्षा करेगा।
यह पहल स्वतंत्रता संग्राम की ऐतिहासिक विरासत को वर्तमान पीढ़ी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
2. इस बार समारोह की थीम होगी ‘Yuva Shakti’

इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश की युवा शक्ति को विशेष महत्व दिया जा रहा है। समारोह की थीम ‘Yuva Shakti’ यानी युवा शक्ति रखी गई है।
इसका उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को सामने लाना है। सरकार की ओर से विज्ञान, शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में युवा उपलब्धियों को भी समारोह का हिस्सा बनाया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित Physics, Chemistry, Biology और Mathematics Olympiad में पदक जीतने वाले 19 भारतीय छात्र भी समारोह में आमंत्रित किए गए हैं। इन छात्रों को लाल किले की प्राचीर पर विशेष स्थान दिया जाएगा।
इन युवा उपलब्धियों को देश की वैज्ञानिक क्षमता और नई पीढ़ी की प्रतिभा के उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
समारोह के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है कि भारत के भविष्य के निर्माण में युवा केवल भागीदार नहीं, बल्कि परिवर्तन के प्रमुख वाहक हैं।
3. ‘Seva Teerth’ थीम वाले निमंत्रण कार्ड, झीलों के नाम पर होंगे बैठने के स्थान
इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह के निमंत्रण कार्ड पर ‘Seva Teerth’ की थीम दिखाई देगी। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य नागरिकों को देश और समाज की सेवा के लिए समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देना है।
निमंत्रण कार्ड पर बना धर्म चक्र निरंतर गति, कर्तव्य और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, यह देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भावना को दर्शाता है।
इसके अलावा इस वर्ष समारोह में बनाए गए seating enclosures को भारत की प्रमुख झीलों के नाम दिए जा रहे हैं। इसके पीछे जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य बताया गया है।
इस पहल के जरिए स्वतंत्रता दिवस समारोह को केवल राष्ट्रीय गौरव से जोड़ने के बजाय पर्यावरण, सेवा और नागरिक जिम्मेदारी जैसे विषयों से भी जोड़ने का प्रयास किया गया है।
4. पूर्व नक्सली इलाकों के गांवों तक पहुंचेगा तिरंगा
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का एक महत्वपूर्ण संदेश छत्तीसगढ़ के उन दूरदराज इलाकों से भी सामने आएगा, जो लंबे समय तक माओवादी गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के अनुसार, इस वर्ष तिरंगा यात्रा को पूर्व माओवादी प्रभावित इलाकों के दूरदराज गांवों और स्कूलों तक पहुंचाया जाएगा।
बस्तर क्षेत्र के 92 गांवों में 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारी है। बताया गया है कि इन गांवों में स्वतंत्रता के बाद पहली बार इस स्तर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा।
छत्तीसगढ़ को 31 मार्च 2026 को वामपंथी उग्रवाद से मुक्त घोषित किया गया था। ऐसे में इन क्षेत्रों में तिरंगा फहराने की पहल को सुरक्षा और प्रशासनिक बदलाव के साथ-साथ राष्ट्रीय मुख्यधारा से जुड़ाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
पूर्व नक्सली इलाकों में स्कूलों और गांवों तक राष्ट्रीय ध्वज पहुंचाने का उद्देश्य वहां के नागरिकों और बच्चों में देश के प्रति जुड़ाव और लोकतांत्रिक भागीदारी की भावना को मजबूत करना भी है।
यह पहल इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस को दिल्ली के लाल किले से लेकर देश के दूरस्थ क्षेत्रों तक जोड़ने वाली प्रमुख घटनाओं में शामिल होगी।
5. दिल्ली विधानसभा आम लोगों के लिए खुलेगी
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली विधानसभा परिसर को भी आम नागरिकों के लिए खोला जाएगा। दिल्ली विधानसभा सचिवालय के अनुसार, लोग 14 और 15 अगस्त को शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक विधानसभा परिसर का दौरा कर सकेंगे।
इस दौरान विधानसभा भवन को विशेष तिरंगा थीम वाली रोशनी से सजाया जाएगा। BSF और CRPF के बैंड देशभक्ति की धुनें प्रस्तुत करेंगे, जबकि साहित्य कला परिषद के कलाकार भी सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे।
खास बात यह है कि दोनों दिनों में प्रवेश के लिए पहले से registration की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि आगंतुकों को निर्धारित security checks से गुजरना होगा और प्रवेश के लिए वैध पहचान पत्र, जैसे Aadhaar card, साथ रखना होगा।
आम नागरिकों को ऐतिहासिक विधानसभा भवन और परिसर में मौजूद महत्वपूर्ण विरासत स्थलों को देखने का अवसर मिलेगा। इसके साथ उन्हें दिल्ली की विधायी और लोकतांत्रिक यात्रा से जुड़े इतिहास को करीब से समझने का मौका भी मिलेगा।
देशभर में अलग अंदाज में मनाया जाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस
15 अगस्त 2026 का स्वतंत्रता दिवस समारोह कई स्तरों पर खास दिखाई देगा। एक तरफ लाल किले पर ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत को याद किया जाएगा, तो दूसरी तरफ युवा प्रतिभाओं को सम्मान देकर भविष्य के भारत की तस्वीर पेश की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र के गांवों तक तिरंगा पहुंचाने की पहल स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को देश के दूरस्थ हिस्सों से जोड़ेगी। वहीं दिल्ली विधानसभा को नागरिकों के लिए खोलने से लोगों को लोकतांत्रिक संस्थाओं और देश की विरासत को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
इस बार समारोह में सेवा, युवा शक्ति, जल संरक्षण, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे विषयों को भी प्रमुखता दी जा रही है।
निष्कर्ष

भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस इस वर्ष कई ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक पहलों के साथ मनाया जाएगा। लाल किले पर पहली बार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति, ‘Yuva Shakti’ को समारोह की थीम बनाना, युवा ओलंपियाड पदक विजेताओं को सम्मान देना और ‘Seva Teerth’ की थीम इसके प्रमुख आकर्षण होंगे।
वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर के 92 गांवों में तिरंगा फहराने की तैयारी और पूर्व नक्सली क्षेत्रों तक राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाना इस आयोजन को देश के दूरदराज इलाकों से जोड़ता है। दिल्ली विधानसभा को आम नागरिकों के लिए खोलने की पहल भी लोगों को लोकतांत्रिक संस्थाओं और विरासत से जोड़ने का प्रयास है।
कुल मिलाकर, इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस समारोह अतीत की विरासत, वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की युवा शक्ति को एक साथ सामने लाने की कोशिश करता नजर आएगा।
