Priyank Kharge Protest Remark: ’25 दिन भूख हड़ताल करो, लाठीचार्ज झेलो, फिर इस्तीफा दूंगा’ बयान पर मचा सियासी बवाल
बेंगलुरु: Priyank Kharge Protest Remark को लेकर कर्नाटक की राजनीति गरमा गई है। राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ऐसा बयान दिया, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर छात्रों की मांगों का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है।
Priyank Kharge Protest Remark: क्या कहा गृह मंत्री ने?
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रियंक खड़गे ने कहा कि वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस्तीफे की मांग करने वालों को पहले 25 दिन की भूख हड़ताल करनी होगी।
उन्होंने कहा कि यदि स्थिति नियंत्रण में नहीं रही तो लाठीचार्ज होगा और उसके बाद वह इस्तीफा देंगे। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर राजनीतिक बहस शुरू हो गई।
Former Education Minister के इस्तीफे का भी किया जिक्र

प्रियंक खड़गे ने अपने बयान में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा जिम्मेदारी स्वीकार करने के कारण नहीं बल्कि दबाव में लिया गया फैसला था। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि अन्य मामलों में इसी तरह इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की गई।
PSI Scam का दिया उदाहरण
खड़गे ने कहा कि जब PSI भर्ती घोटाला सामने आया था, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और गृह मंत्री अरगा ज्ञानेंद्र से इस्तीफे की मांग क्यों नहीं की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में हुई पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में लाखों उम्मीदवार शामिल हुए थे और कथित समस्या केवल सीमित संख्या में अभ्यर्थियों से जुड़ी बताई जा रही है।
BJP ने किया पलटवार
प्रियंक खड़गे के बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने सोशल मीडिया पर बयान का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
पार्टी का कहना है कि उम्मीदवारों की चिंताओं का समाधान करने के बजाय मंत्री ने असंवेदनशील टिप्पणी की है।
Recruitment Exam Row Continues
कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कई अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच प्रियंक खड़गे का बयान राजनीतिक विवाद का कारण बन गया है।
Political Reactions Intensify
इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
विपक्ष सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि कांग्रेस का कहना है कि पूरे मामले को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।
फिलहाल भर्ती परीक्षा से जुड़े आरोपों की जांच और विरोध प्रदर्शन दोनों जारी हैं।
Conclusion
Priyank Kharge Protest Remark ने कर्नाटक की भर्ती परीक्षा विवाद को और राजनीतिक बना दिया है। एक ओर छात्र कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मंत्री के बयान पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
