iPhone की जिद ने उजाड़ दिया पूरा परिवार: 3 घंटे तक पहाड़ी पर समझाने का दौर, फिर एक-एक कर पिता-मां और बेटे की मौत
छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 18 अगस्त 2026
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के तिसगांव इलाके की खवड्या पहाड़ी पर एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पारिवारिक विवाद के बाद एक युवक के संकट में पड़ने से उसके माता-पिता भी हादसे का शिकार हो गए। इस घटना में कुणाल चांदगुडे, उसके पिता मुरलीधर और मां संगीता की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना से पहले कुणाल का अपने माता-पिता से महंगे मोबाइल फोन (iPhone) को लेकर विवाद हुआ था।
iPhone को लेकर बढ़ा पारिवारिक तनाव
परिवार से मिली जानकारी के अनुसार, कुणाल के पास पहले से ही iPhone था, लेकिन वह नया और अपडेटेड मॉडल लेना चाहता था। पुराने फोन की कुछ किश्तें भी बकाया बताई जा रही हैं। इस मुद्दे पर परिवार में करीब दो दिनों तक तनाव बना रहा।
कुणाल के पिता मुरलीधर ट्रक ड्राइवर थे और काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर रहते थे। पिता के घर लौटने के बाद विवाद और बढ़ गया। शुक्रवार सुबह विवाद के बाद कुणाल खवड्या पहाड़ी की ओर चला गया और वहां बेहद तनावपूर्ण स्थिति में पहुंच गया। उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी, जिसके बाद परिवार और प्रशासन को सूचना दी गई।
तीन घंटे तक समझाने की कोशिश
कुणाल के पहाड़ी पर पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, ग्रामीण और उसके माता-पिता मौके पर पहुंचे। सभी ने करीब तीन घंटे तक उसे समझाने और सुरक्षित वापस लाने की कोशिश की।
मां संगीता ने हाथ जोड़कर बेटे से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि अगर उसे पिता से परेशानी है तो वह उसके साथ रहने को तैयार हैं। संगीता ने यहां तक कहा कि वह अपना मंगलसूत्र उतारकर फेंक सकती हैं और पति को छोड़ देंगी। परिवार की ओर से आर्थिक समस्या और iPhone की किश्तों का समाधान निकालने का भरोसा भी दिलाया गया। लेकिन कुणाल बेहद तनाव में था और अपनी बात पर अड़ा रहा।
बेटे को बचाने की कोशिश में पिता भी हादसे का शिकार

पुलिस और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में कुणाल को सुरक्षित नीचे लाने की कोशिश जारी थी। इसी दौरान पिता मुरलीधर बेटे के करीब पहुंचे और उसे बचाने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों हादसे का शिकार हो गए।
पति और बेटे को संकट में देखकर मां संगीता भी सदमे में आ गईं और इसके बाद वह भी हादसे की चपेट में आ गईं। घटना में तीनों की मौत हो गई। पुलिस ने तीनों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पूरे घटनाक्रम की जांच चल रही है।
परिवार पर दोहरा सदमा
यह परिवार करीब छह साल पहले भी अपने एक बेटे को खो चुका था। अब दूसरे बेटे कुणाल की मौत और माता-पिता के जाने से परिवार पूरी तरह टूट गया है। अस्पताल में भाई का शव देखकर बहन फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों बाद राखी का त्योहार है और अब वह अपने भाई को किसे फोन करेंगी।
मुरलीधर परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे और ट्रक चलाकर घर का खर्च चलाते थे।
घटना ने खड़े किए गंभीर सवाल
छत्रपति संभाजीनगर की इस घटना ने परिवारों के लिए एक गंभीर चेतावनी दे दी है। मोबाइल फोन जैसी वस्तु को लेकर शुरू हुआ विवाद किस तरह गहरे भावनात्मक संकट में बदल गया, इसकी जांच पुलिस कर रही है।
ऐसे संकट में क्या करें?
यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद की कहानी नहीं है। यह बताती है कि आर्थिक दबाव, पारिवारिक तनाव और भावनात्मक संकट की स्थिति में समय पर बातचीत और मदद कितनी जरूरी है।
- किसी महंगे सामान की मांग, कर्ज या EMI का दबाव जीवन से बड़ा नहीं हो सकता।
- व्यक्ति को अकेला छोड़ने के बजाय उसके साथ रहें।
- बहस या डांटने के बजाय उसकी बात शांति से सुनें।
- तुरंत परिवार के भरोसेमंद सदस्य या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लें।
- आर्थिक समस्या हो तो परिवार के साथ बैठकर व्यावहारिक समाधान निकालें।
- अगर किसी व्यक्ति से तत्काल खतरे की आशंका हो तो तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।
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