PM Modi Remark Case: माफी के बावजूद किशोरी पर दर्ज FIR वापस नहीं, CJP ने परिवार को दिया कानूनी मदद का भरोसा

admin
By
admin
6 Min Read
CJP claimed that the FIR against a teenage girl accused of making derogatory remarks against Prime Minister Narendra Modi remains active despite her public apology.

PM Modi Remark Case: माफी के बावजूद किशोरी पर दर्ज FIR वापस नहीं, CJP ने परिवार को कानूनी सहायता का दिया भरोसा

नई दिल्ली: PM Modi Remark Case एक बार फिर चर्चा में है। Cockroach Janta Party (CJP) ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक किशोरी पर दर्ज FIR अब तक वापस नहीं ली गई है। पार्टी का कहना है कि किशोरी सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बच्चों को माफ करने की बात कह चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद कानूनी कार्रवाई अभी समाप्त नहीं हुई है। इस पूरे PM Modi Remark Case को लेकर परिवार अब भी चिंता और मानसिक तनाव में है।

PM Modi Remark Case: CJP का दावा, FIR अब भी बरकरार

रविवार को CJP की लीगल विंग की प्रमुख और अधिवक्ता रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने किशोरी की मां से बातचीत की है। उनके अनुसार, परिवार अब भी परेशान है क्योंकि माफी का वीडियो सामने आने के बाद भी कई मीडिया संस्थान लगातार उनके घर पहुंच रहे हैं।

रत्ना सिंह ने कहा कि PM Modi Remark Case में पार्टी परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी रहेगी और उन्हें किसी भी तरह की कानूनी या मानसिक सहायता की आवश्यकता होगी तो CJP हरसंभव मदद उपलब्ध कराएगी।

PM Modi Remark Case: परिवार को कानूनी और भावनात्मक सहयोग का भरोसा

CJP की ओर से जारी बयान में कहा गया कि किशोरी के परिवार को भरोसा दिलाया गया है कि पार्टी उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी। साथ ही यदि किशोरी को काउंसलिंग या अन्य मनोवैज्ञानिक सहायता की आवश्यकता पड़ती है तो उसमें भी सहयोग किया जाएगा।

रत्ना सिंह ने कहा कि इस कठिन समय में परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और पार्टी उनके साथ लगातार संपर्क में रहेगी।

How the PM Modi Remark Case Started

यह मामला 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर में आयोजित NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान सामने आया था। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान एक किशोरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक नारे लगाए थे।

घटना के बाद इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू की।

Zero FIR Registered in Noida

इस PM Modi Remark Case में सबसे पहले शिकायत नोएडा पुलिस के पास पहुंची थी। पुलिस ने मामले में Zero FIR दर्ज की और बाद में इसे अधिकार क्षेत्र के अनुसार नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दिया गया।

भारत में Zero FIR ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत किसी भी थाने में प्रारंभिक शिकायत दर्ज की जा सकती है। बाद में मामला संबंधित क्षेत्र के पुलिस स्टेशन को जांच के लिए भेज दिया जाता है।

What CJP Says About the Case

CJP का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से बच्चों को माफ करने की बात कहे जाने के बावजूद FIR वापस नहीं ली गई है। पार्टी का दावा है कि इससे परिवार मानसिक दबाव में है।

हालांकि, पुलिस या संबंधित अधिकारियों की ओर से FIR वापस लेने या मामले को बंद करने संबंधी कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

PM Modi Remark Case Investigation Continues

पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। इस बीच CJP लगातार यह मांग कर रही है कि यदि सार्वजनिक रूप से माफी स्वीकार कर ली गई है, तो FIR वापस लेने पर भी विचार किया जाना चाहिए।

पार्टी ने यह भी कहा कि वह किशोरी और उसके परिवार के अधिकारों की रक्षा के लिए हर कानूनी विकल्प अपनाएगी।

Family Awaits Clarity

परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही मामले पर स्पष्ट निर्णय सामने आएगा। फिलहाल FIR बरकरार रहने के कारण परिवार भविष्य की कानूनी प्रक्रिया को लेकर असमंजस की स्थिति में है।

इस बीच सोशल मीडिया पर भी PM Modi Remark Case को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग कानूनी प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करने की बात कह रहे हैं, जबकि कुछ लोग माफी के बाद मामले को समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

Conclusion

Cockroach Janta Party (CJP)

PM Modi Remark Case अब केवल एक कानूनी मामला नहीं बल्कि सार्वजनिक चर्चा का विषय भी बन गया है। एक ओर CJP का दावा है कि किशोरी को माफ किए जाने के बावजूद FIR वापस नहीं ली गई, वहीं दूसरी ओर पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अब सभी की नजर जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *