Swatantra Bhardwaj जंतर मंतर हमला विवाद के केंद्र में आ चुके हैं। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उनके विवादास्पद और नफरत भरे बयान वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। Jantar Mantar Assault केस में उनके बयानों ने न सिर्फ कानूनी कार्रवाई को तेज किया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छेड़ दी है।
Swatantra Bhardwaj और Jantar Mantar Assault का मामला
इंटरव्यू के एक क्लिप में Swatantra Bhardwaj ने दावा किया कि उन्होंने निशु आजाद के पिता संजय कुमार की “खोपड़ी फोड़ दी”। उन्होंने कहा कि उनके हाथ में लोहे का कड़ा था, जिससे उन्होंने हमला किया। उन्होंने इसे “हाफ मर्डर” बताया और दावा किया कि वे जेल भी नहीं गए।
बाद में एनडीटीवी से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने आत्मरक्षा में हमला किया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर फिर ऐसी स्थिति बनी तो वे दोबारा कड़े से हमला करेंगे। इन बयानों ने Jantar Mantar Assault मामले को और गंभीर बना दिया।
पॉडकास्ट में क्या-क्या कहा?
‘द कैजुअल टॉक’ नाम के पॉडकास्ट में Swatantra Bhardwaj ने सिर्फ हमले का जिक्र नहीं किया, बल्कि कई आपत्तिजनक बातें कहीं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत भरे बयान दिए और आर्थिक बहिष्कार की बात कही। उन्होंने कहा कि वे मुस्लिमों के साथ कोई व्यापार नहीं करते और एक “मुस्लिम-मुक्त भारत” का एजेंडा रखने वाले संगठन बनाने की इच्छा जताई।
उन्होंने एससी/एसटी एक्ट को लेकर भी धमकियां भरे बयान दिए। उन्होंने दावा किया कि अगर उन पर यह एक्ट लगाया गया तो वे गोली चला देंगे। इन टिप्पणियों ने इंटरव्यू को सिर्फ हमले की बात से आगे ले जाकर Hate Speech का मुद्दा बना दिया।
पुलिस कार्रवाई और हिरासत
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से Swatantra Bhardwaj को हिरासत में लिया। वे कथित तौर पर नाइथला गांव से बुलेट मोटरसाइकिल पर भागने की कोशिश कर रहे थे और पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहने हुए थे। पुलिस टीमों ने उन्हें ट्रैक कर हिरासत में ले लिया।
अब उन्हें दिल्ली लाया जाएगा और संसद मार्ग थाने में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने मौजूदा एफआईआर में एससी/एसटी (प्रिवेंशन ऑफ एट्रॉसिटीज) एक्ट और आपराधिक धमकी की धाराएं जोड़ दी हैं। साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। पीड़ित की मेडिकल जांच के बाद हत्या के प्रयास की धारा जोड़ने पर विचार किया जा रहा है।
राजनीतिक नाम लेने का विवाद
इंटरव्यू में Swatantra Bhardwaj ने दिल्ली बीजेपी मंत्री कपिल मिश्रा, चिराग पासवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। उन्होंने कपिल मिश्रा के समर्थन का दावा किया और चिराग पासवान को “बड़े भाई” बताया। हालांकि चिराग पासवान ने उनके बयान की आलोचना की है और नाम के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल Swatantra Bhardwaj का किसी राजनीतिक दल से आधिकारिक संबंध नहीं बताया जा रहा।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भी टिप्पणी की और कहा कि मोदी जी उनके लिए रील्स नहीं डालते, जबकि वे सरकार की योजनाओं की तारीफ करते रहते हैं।
सोशल मीडिया और सार्वजनिक प्रतिक्रिया
Jantar Mantar Assault और Swatantra Bhardwaj के बयानों ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कीं। कई लोगों ने उनके बयानों की निंदा की, तो कुछ लोगों ने उन्हें समर्थन भी दिया। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से 72 घंटे के अंदर गिरफ्तारी का आश्वासन लिया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज की।
कानूनी पहलू
पुलिस के अनुसार, पीड़ित की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) की धारा जोड़ने पर फैसला लिया जाएगा। एससी/एसटी एक्ट और आपराधिक धमकी की धाराएं पहले ही जोड़ दी गई हैं। पॉक्सो एक्ट के तहत भी केस दर्ज होने से मामला और गंभीर हो गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पॉडकास्ट में दिए गए बयान नफरत फैलाने और धमकी देने की श्रेणी में आ सकते हैं, जिसके चलते अतिरिक्त धाराएं लगाई जा सकती हैं।
निष्कर्ष
Swatantra Bhardwaj का मामला अब सिर्फ Jantar Mantar Assault तक सीमित नहीं रहा। उनके पॉडकास्ट इंटरव्यू ने नफरत भरे बयानों, धमकियों और उग्र विचारधारा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद अब कानूनी प्रक्रिया पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
क्या अदालत में उनके बयान उनके खिलाफ सबूत बनेंगे? क्या और धाराएं जोड़ी जाएंगी? इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में सामने आएंगे। फिलहाल Swatantra Bhardwaj हिरासत में हैं और मामला संसद मार्ग थाने में दर्ज है।
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