काठमांडू / रसुवा, 5 सितंबर 2026
Nepal Floods ने एक बार फिर नेपाल को झकझोर दिया है। 26 अगस्त को भीोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने सैकड़ों परिवारों को तबाह कर दिया। इस आपदा में अब तक 1,114 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 3,916 लोग अभी भी लापता हैं। ऐसे में एक परिवार की दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिन्होंने अपने लापता परिजन के जिंदा होने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। फिर अचानक एक हाथ मिलने से उनकी उम्मीद और पीड़ा दोनों फिर से जाग उठीं।
Nepal Floods में परिवार की व्यथा
अमृत दियाली के छोटे भाई राज कुमार दियाली (33), उनकी पत्नी श्रिती (30) और चार साल के बेटे सिराज 26 अगस्त से लापता हैं। राज कुमार स्याफ्रुबेसी में 15 साल से ज्वेलरी की छोटी दुकान चलाते थे। Bhotekoshi Flood ने पूरे इलाके को लील लिया और परिवार का कोई अता-पता नहीं चला।
परिवार के लोग पहले उन्हें जिंदा खोजने की उम्मीद में चितवन और नवलपुर तक गए। अब वे सिर्फ उनके शव मिलने की आस में इंतजार कर रहे हैं।
Nepal Floods में कैसे मिला हाथ?
बाढ़ के पांच दिन बाद राज कुमार के भतीजे अविनाश को नवलपुर में बहकर आया एक मानव हाथ मिला। अविनाश को लगा कि यह उनके चाचा का हाथ लग रहा है। उन्होंने व्हाट्सएप पर फोटो भेजते हुए लिखा – “पापा, मुझे एक हाथ मिला है जो बिल्कुल चाचा जैसा लग रहा है।”
अमृत ने उस हाथ का सैंपल मंगलवार को काठमांडू स्थित नेशनल फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी भेज दिया। यह सैंपल लैब में 182वें नंबर पर है। परिणाम आने में समय लग सकता है। अमृत ने कहा, “अब हम और किसी उम्मीद पर नहीं हैं। अगर वह हाथ मेरे भाई का निकला, तो कम से कम हमें यकीन हो जाएगा।”
Nepal Floods की आखिरी यादें

राज कुमार के भतीजे सचिन खाती उस दिन परिवार के साथ थे। बाढ़ आने से कुछ मिनट पहले राज कुमार ने उन्हें चिलिमे ज्वेलरी पहुंचाने भेज दिया था। जब सचिन वापस लौटे तो गांव का नामोनिशान मिट चुका था।
परिवार बाढ़ से दो दिन पहले काठमांडू के कपन में जमीन का एडवांस देने गया था, लेकिन जमीन मालिक नहीं आया। वे 24 अगस्त को रसुवा लौट आए थे। अमृत को परिवार की आखिरी शाम याद है जब छोटे सिराज ने खाना खाने के बाद नहाने को कहा था और अपनी बुआ से दो मुर्गे पकाने को कहा था।
Nepal Floods के आंकड़ों में तबाही
नेपाल की नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार:
- मौतें: 1,114
- लापता: 3,916
- बचाए गए लोग: लगभग 12,000
- खोज में जुटे सुरक्षाकर्मी: 21,000 से ज्यादा
शव आठ जिलों – चितवन, नवलपरासी, नुवाकोट, गोरखा, धादिंग, तनहुं और रसुवा से बरामद किए गए हैं।
निष्कर्ष
Nepal Floods ने सैकड़ों परिवारों को हमेशा के लिए बदल दिया है। राज कुमार दियाली का परिवार अब सिर्फ लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। उनके लिए वह हाथ सिर्फ एक अंग नहीं, बल्कि अपने प्रियजन की आखिरी निशानी बन चुका है।
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