रक्षाबंधन पर दिखी रिश्तों की खूबसूरत मिसाल, कल्लू अंसारी और अंजुम अंसारी ने बच्चों के साथ मनाया पर्व

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Kallu Ansari and Anjum Ansari celebrating Raksha Bandhan with children and family, sharing a message of love, unity and environmental protection.

आगरा, 28 अगस्त 2026: Raksha Bandhan Celebration हर परिवार के लिए अपनेपन, प्यार और रिश्तों को मजबूत करने का मौका लेकर आता है। इसी भावना के साथ सूफी संत मलंग मुस्लिम राष्ट्र मंच के राष्ट्रीय संयोजक कल्लू अंसारी और अंजुम अंसारी ने 28 अगस्त को अपने परिवार और बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान घर का माहौल पूरी तरह उत्सवमय नजर आया। बच्चों के चेहरे पर खुशी थी और परिवार के बड़े उन्हें प्यार और आशीर्वाद देते दिखाई दिए।

इस मौके पर सिर्फ राखी बांधने की रस्म ही नहीं हुई, बल्कि बच्चों को इस पर्व के पीछे छिपे प्रेम, जिम्मेदारी और एक-दूसरे के प्रति सम्मान के भाव को भी समझाया गया। आयोजन की खास बात यह रही कि रक्षाबंधन की पारंपरिक भावना को प्रकृति से जोड़ते हुए तुलसी के पौधे को भी रक्षा सूत्र बांधा गया।

तुलसी को रक्षा सूत्र बांधकर दिया प्रकृति बचाने का संदेश

कार्यक्रम की शुरुआत अंजुम अंसारी द्वारा तुलसी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधने के साथ हुई। यह दृश्य पूरे आयोजन में खास रहा। आमतौर पर रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि सुरक्षा की भावना सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

अंजुम अंसारी ने बच्चों को पौधों और प्रकृति के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि जिस तरह परिवार के लोग एक-दूसरे की सुरक्षा और देखभाल करते हैं, उसी तरह पेड़-पौधों और पर्यावरण की देखभाल करना भी हमारी जिम्मेदारी है। आज जब पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में बच्चों को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाना बेहद जरूरी है।

तुलसी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधने की यह पहल रक्षाबंधन को एक व्यापक संदेश से जोड़ती नजर आई। इसमें परिवार के प्रति प्रेम के साथ Environmental Protection की भावना भी दिखाई दी।

इसके बाद परिवार के बच्चों ने रक्षाबंधन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एक-दूसरे को राखी बांधी। बच्चों के बीच इस दौरान काफी उत्साह देखने को मिला। राखी बांधने के बाद उन्होंने परिवार के बड़ों का आशीर्वाद लिया और सभी ने मिलकर खुशियां साझा कीं।

बच्चों को समझाया प्रेम, सम्मान और भाईचारे का महत्व

कल्लू अंसारी और अंजुम अंसारी ने बच्चों के साथ बातचीत करते हुए रक्षाबंधन के महत्व को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी त्योहार की असली खुशी तभी होती है, जब उसके पीछे छिपे अच्छे विचारों को भी जीवन में अपनाया जाए।

बच्चों को बताया गया कि भाई-बहन का रिश्ता केवल राखी बांधने और मिठाई खिलाने तक सीमित नहीं है। यह एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने, सम्मान करने और जरूरत के समय मदद करने का रिश्ता है। परिवार में यही भावना आगे चलकर समाज में भी प्रेम और सहयोग का आधार बनती है।

इस दौरान परिवार के सदस्यों ने बच्चों के साथ मिठाइयां बांटीं और रक्षाबंधन की खुशियां मनाईं। पूरे आयोजन में किसी बड़े मंच या औपचारिक कार्यक्रम की जगह परिवार के बीच का अपनापन और सहजता दिखाई दी। यही वजह रही कि आयोजन में रिश्तों की गर्माहट साफ महसूस हुई।

कल्लू अंसारी और अंजुम अंसारी ने बच्चों को यह भी संदेश दिया कि समाज में लोगों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। अलग-अलग पृष्ठभूमि के बावजूद इंसानियत और आपसी भाईचारा समाज को जोड़ने का काम करता है।

Brotherhood and Unity

रक्षाबंधन की इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए Brotherhood and Unity का संदेश भी दिया गया। परिवार के स्तर से शुरू होने वाला प्रेम और सम्मान समाज में सकारात्मक माहौल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के साथ परिवार की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। तस्वीरों में परिवार के सदस्य एक साथ नजर आए और रक्षाबंधन की रस्में पूरी करते दिखाई दिए। कहीं बच्चे राखी बंधवाते नजर आए तो कहीं परिवार के बड़े उन्हें आशीर्वाद देते दिखाई दिए।

इस पूरे आयोजन में एक बात विशेष रूप से देखने को मिली कि परंपरा को सिर्फ निभाया नहीं गया, बल्कि बच्चों को उसके महत्व से भी जोड़ने की कोशिश की गई। आज की पीढ़ी को त्योहारों की जानकारी देने के साथ उनके सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को समझाना भी जरूरी है।

रक्षाबंधन जैसे पर्व बच्चों को परिवार और रिश्तों के महत्व को समझने का अवसर देते हैं। वहीं तुलसी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधने जैसी पहल उन्हें प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का एहसास भी करा सकती है।

परिवार के साथ मनाए गए इस पर्व में धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं के साथ-साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश भी देखने को मिला। आयोजन के दौरान सभी ने एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना बनाए रखने पर जोर दिया।

निष्कर्ष

28 अगस्त को मनाया गया यह Raksha Bandhan Celebration परिवार के बीच प्रेम और अपनापन दिखाने के साथ कई सकारात्मक संदेश भी दे गया। बच्चों द्वारा राखी बांधने और बड़ों का आशीर्वाद लेने से जहां पारिवारिक रिश्तों की खूबसूरती सामने आई, वहीं तुलसी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधकर प्रकृति की रक्षा का संदेश भी दिया गया।

कल्लू अंसारी और अंजुम अंसारी के साथ परिवार ने इस पर्व को सादगी और खुशी के साथ मनाया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खूबसूरती सिर्फ रस्मों में नहीं, बल्कि उन मूल्यों में है जो लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं—प्रेम, सम्मान, जिम्मेदारी, भाईचारा और एकता।

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