AAP-CJP Funding Row: CJP आंदोलन की फंडिंग में AAP की भूमिका की जांच? मनीष सिसोदिया और विजय नायर के नाम जांच के दायरे में
नई दिल्ली: AAP-CJP Funding Row को लेकर नया विवाद सामने आया है। सरकारी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि Cockroach Janata Party (CJP) के 36 दिन लंबे आंदोलन के पीछे कथित फंडिंग और नकदी के लेन-देन की जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या Aam Aadmi Party (AAP) ने अप्रत्यक्ष रूप से छात्र नेटवर्क के माध्यम से इस आंदोलन को आर्थिक सहायता पहुंचाई थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच अभी जारी है।
AAP-CJP Funding Row: किन दावों की हो रही है जांच?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कथित तौर पर फंड विभिन्न छात्र समूहों और क्षेत्रीय नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया था, ताकि किसी प्रत्यक्ष राजनीतिक संबंध का रिकॉर्ड न बने।
जांच एजेंसियां फिलहाल कथित नकद लेन-देन, फंडिंग के स्रोत और संभावित समन्वय की जांच कर रही हैं।
Manish Sisodia, Vijay Nair और अन्य नाम जांच के दायरे में
सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान मनीष सिसोदिया, जैस्मिन शाह और विजय नायर सहित कुछ अन्य लोगों के नाम भी जांच के दायरे में हैं।
हालांकि, इन व्यक्तियों के खिलाफ किसी भी तरह के आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं और न ही किसी एजेंसी ने उनके खिलाफ आधिकारिक निष्कर्ष जारी किया है।
Punjab Network Angle Also Under Examination
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कथित तौर पर कुछ फंड पंजाब के विभिन्न नेटवर्क से आया और अधिकतर लेन-देन नकद में किया गया, ताकि उसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड न रहे।
इन दावों की भी फिलहाल स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
Student Networks Under Scanner
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि छात्र संगठनों का इस्तेमाल कथित तौर पर आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन देने और जमीनी स्तर पर लोगों को जोड़ने के लिए किया गया या नहीं।
एजेंसियां संभावित मध्यस्थों और फंड ट्रांसफर के तरीकों की भी जांच कर रही हैं।
Delhi MLAs Also Being Examined
सरकारी सूत्रों के अनुसार, कुछ दिल्ली विधायकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दावा किया गया है कि आंदोलन के पहले और उसके दौरान कथित तौर पर धन वितरित किया गया।
हालांकि, इन दावों को लेकर अब तक किसी एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Background: The 36-Day CJP Protest

Cockroach Janata Party (CJP) का आंदोलन 20 जून 2026 को शुरू हुआ था और 25 जुलाई 2026 तक चला।
यह आंदोलन मुख्य रूप से NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही की मांग को लेकर किया गया था।
आंदोलन समाप्त होने से पहले केंद्र सरकार और CJP के बीच कई दौर की बातचीत हुई।
Key Outcomes of the Protest
आंदोलन समाप्त होने के बाद सरकार ने कई प्रमुख मांगों पर सहमति जताई थी।
- तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया।
- शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर राहत देने का आश्वासन दिया गया।
- परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई।
- National Testing Agency (NTA) में संरचनात्मक सुधारों पर चर्चा का आश्वासन दिया गया।
Investigation Still Ongoing
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अब तक किसी भी जांच एजेंसी ने यह आधिकारिक रूप से नहीं कहा है कि AAP या उसके किसी नेता ने CJP को फंडिंग की थी।
इसी तरह, जिन नेताओं के नाम जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं, उनके खिलाफ भी कोई आधिकारिक निष्कर्ष या आरोप सार्वजनिक नहीं किया गया है।
Conclusion

AAP-CJP Funding Row फिलहाल जांच के चरण में है। सरकारी सूत्रों के हवाले से कई दावे सामने आए हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि या आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आधिकारिक बयानों के बाद ही स्पष्ट होगी।
