चौंकाने वाली खबर! अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही Amarnath Ice Lingam 90% पिघल गया, Climate Change Kashmir का सबसे खतरनाक सबूत

admin
By
admin
5 Min Read
Amarnath Yatra 2026: Baba Barfani (Ice Lingam) melts over 90% within days of the pilgrimage start amid Climate Change concerns in Kashmir

अमरनाथ यात्रा शुरू हुए बाबा एक सप्ताह बीता है और Amarnath Ice Lingam (बाबा बर्फानी) का 90% से ज्यादा हिस्सा पिघल चुका है। यह खबर यात्रा पर निकले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहद दुखद है। गुफा पहुंचने वाले पहले बैच के श्रद्धालुओं ने बताया कि बर्फानी शिवलिंग का आकार बहुत छोटा और कमजोर हो गया है।

अमरनाथ गुफा समुद्र तल से करीब 3,888 मीटर (12,756 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यहां प्राकृतिक रूप से बर्फ का शिवलिंग बनता है, जिसे बाबा बर्फानी के नाम से जाना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र स्थल पर दर्शन करने आते हैं। लेकिन इस बार यात्रा शुरू होते ही बर्फानी लिंगम के तेजी से पिघलने ने सबको चिंतित कर दिया है।

पिछले वर्षों का रिकॉर्ड

यह पहली बार नहीं है जब बाबा बर्फानी इतनी जल्दी पिघला है।

  • 2018 में 29 दिनों में
  • 2020 में 38 दिनों में
  • 2022 में 28 दिनों में
  • 2024 में महज एक सप्ताह में

बर्फानी लिंगम पिघल गया था। इस साल तो यात्रा शुरू होने के कुछ ही दिनों में यह स्थिति बन गई है।

Climate Change Kashmir का बढ़ता खतरा

Climate Change Kashmir

पर्यावरणविदों और वैज्ञानिकों का कहना है कि Climate Change Kashmir इस घटना का मुख्य कारण है। हिमालय क्षेत्र में तापमान दुनिया के औसत से ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है। बर्फ की चादर पिघल रही है, ग्लेशियर पीछे हट रहे हैं और वर्षा का पैटर्न बदल रहा है।

PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती ने X पर लिखा:

“अमरनाथ यात्रा शुरू हुए एक सप्ताह भी नहीं हुआ और बाबा बर्फानी पिघल गए। पेड़ों की कटाई, अवैध खनन, कचरा प्रबंधन की कमी और जल स्तर घटने जैसे कारक Climate Change Kashmir को तेज कर रहे हैं।”

उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लंबे समय की पर्यावरण नीति नहीं बनी तो कश्मीर का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।

रिकॉर्ड श्रद्धालु संख्या

इस साल सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यात्रा में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यात्रा शुरू होने के पहले 4 दिनों में 93,000 से ज्यादा श्रद्धालु गुफा पहुंच चुके हैं। 5 जुलाई तक 32,000 से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।

लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने इसे “massive surge” बताया। लेकिन उन्होंने अपंजीकृत श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या पर भी चिंता जताई।

पर्यावरण पर असर

अमरनाथ गुफा और आसपास के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों में काफी बदलाव आए हैं। सड़कें चौड़ी हुई हैं, अस्थायी आवास बढ़े हैं, लंगर और बिजली की व्यवस्था पहुंच गई है। अब रोपवे और टनल जैसी परियोजनाएं भी चल रही हैं।

पर्यावरणविदों का कहना है कि इन सबका संचयी प्रभाव गुफा के सूक्ष्म जलवायु को बदल रहा है, जिसकी वजह से बर्फानी लिंगम जल्दी पिघल रहा है।

श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया

गुफा पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने कहा कि बाबा बर्फानी का आकार बहुत छोटा हो गया है। एक श्रद्धालु ने बताया, “हम दूर से इतनी आशा लेकर आए थे, लेकिन जो स्थिति देखी, वह दुखद है।”

सरकार का बयान

मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार यात्रियों की संख्या पर पहले से ही कैप लगाया गया है। उन्होंने कहा, “बर्फानी लिंगम प्रकृति द्वारा बनाया जाता है। न आप तय कर सकते हैं, न मैं।”

भविष्य की चिंता

Amarnath Ice Lingam

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर Climate Change Kashmir को नियंत्रित नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में अमरनाथ यात्रा और बाबा बर्फानी दोनों प्रभावित होंगे।

Amarnath Ice Lingam की यह स्थिति सिर्फ धार्मिक आस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का भी बड़ा सवाल है।

निष्कर्ष

Amarnath Ice Lingam के जल्दी पिघलने की घटना हमें जलवायु परिवर्तन की गंभीरता की याद दिलाती है। Climate Change Kashmir को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस पवित्र स्थल का दर्शन कर सकें।

#AmarnathYatra #BabaBarfani #ClimateChangeKashmir #AmarnathIceLingam

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *