Mirabai Chanu Diet: गोल्ड जीतने के लिए 3 दिन तक ठीक से खाना नहीं खाया, जानिए क्या खाती हैं भारत की स्टार वेटलिफ्टर
नई दिल्ली: CWG 2026 में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाने वाली Mirabai Chanu की जीत के पीछे सिर्फ कड़ी मेहनत नहीं, बल्कि गजब का अनुशासन भी है। कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मीराबाई ने बताया कि प्रतियोगिता से पहले उन्होंने तीन दिनों तक ठीक से खाना नहीं खाया, ताकि उनका वजन तय सीमा के अंदर बना रहे।
उनकी यह बात सुनकर कई लोग हैरान रह गए। लेकिन वेटलिफ्टिंग जैसे खेल में खिलाड़ियों के लिए वजन नियंत्रित रखना उतना ही जरूरी होता है, जितनी रोज की ट्रेनिंग।
What Does Mirabai Chanu Eat for Breakfast?
मीराबाई चानू का नाश्ता बेहद साधारण लेकिन पोषण से भरपूर होता है। उन्होंने पहले दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि वह सुबह ज़्यादातर सिर्फ तीन चीजें खाती हैं—
- Boiled Eggs
- Boiled Chana
- Boiled Mushrooms
उनका कहना है कि लोग अक्सर सोचते हैं कि वेटलिफ्टर बहुत ज्यादा खाना खाते हैं, लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। वजन बनाए रखने के लिए उन्हें हर चीज़ बहुत सोच-समझकर खानी पड़ती है।
Why Does She Avoid Bread and Milk?
मीराबाई के मुताबिक, वह आमतौर पर ब्रेड और दूध से दूरी बनाए रखती हैं। इसकी वजह स्वाद नहीं, बल्कि Weight Category है।
वेटलिफ्टिंग में खिलाड़ी को एक निश्चित वजन वर्ग में खेलना होता है। अगर वजन थोड़ा भी बढ़ जाए तो पूरी तैयारी प्रभावित हो सकती है। इसलिए उनकी डाइट में वही चीजें शामिल होती हैं जो शरीर को ऊर्जा दें, लेकिन अनावश्यक वजन न बढ़ाएं।
What Does She Eat for Lunch?
ट्रेनिंग वाले दिनों में मीराबाई का लंच भी काफी हल्का होता है।

वह ज़्यादातर Salad और Seafood खाना पसंद करती हैं। उनका मानना है कि हल्का भोजन जल्दी पच जाता है और ट्रेनिंग के दौरान शरीर को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है।
Three Days Without Proper Food Before Winning Gold
CWG 2026 में गोल्ड जीतने के बाद Mirabai Chanu ने बताया कि मुकाबले से पहले उन्होंने तीन दिनों तक ठीक से खाना नहीं खाया। उनका पूरा ध्यान सिर्फ एक चीज़ पर था—वजन को निर्धारित सीमा के अंदर रखना।
यही अनुशासन उन्हें दुनिया की बेहतरीन वेटलिफ्टरों में शामिल करता है।
Why Is Weight Management So Important in Weightlifting?

वेटलिफ्टिंग में हर खिलाड़ी को एक तय Weight Category में हिस्सा लेना होता है। ऐसे में कुछ सौ ग्राम वजन बढ़ना भी खिलाड़ी की कैटेगरी बदल सकता है।
यही कारण है कि खिलाड़ी सिर्फ जिम में ही मेहनत नहीं करते, बल्कि अपनी डाइट, नींद और रोजमर्रा की जीवनशैली पर भी सख्ती से ध्यान देते हैं।
Conclusion
Mirabai Chanu की कहानी बताती है कि गोल्ड मेडल सिर्फ ताकत से नहीं, बल्कि अनुशासन, त्याग और सही खान-पान से भी जीते जाते हैं। Boiled Eggs, Boiled Chana और Boiled Mushrooms जैसी साधारण डाइट और खुद पर कड़ा नियंत्रण ही उन्हें दुनिया की सर्वश्रेष्ठ वेटलिफ्टरों में शामिल करता है।
