Pralhad Joshi कौन हैं? जानिए भारत के नए शिक्षा मंत्री का राजनीतिक सफर और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने Pralhad Joshi को देश का नया Education Minister नियुक्त किया है। उन्होंने Dharmendra Pradhan की जगह शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब NEET Paper Leak और परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन चर्चा का विषय बना हुआ है।
Pralhad Joshi पहले से ही New and Renewable Energy तथा Consumer Affairs, Food and Public Distribution मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।
कौन हैं Pralhad Joshi?
Pralhad Joshi का जन्म वर्ष 1962 में कर्नाटक के बीजापुर (Vijayapura) में हुआ था। उन्होंने KS Arts College, Hubballi से कला (Arts) में स्नातक की पढ़ाई की, जो कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध है।
पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने केमिकल्स के कारोबार से अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि, उनकी रुचि शुरू से ही राजनीति में रही और वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े।
कैसे शुरू हुआ राजनीतिक सफर?
Pralhad Joshi का राजनीतिक सफर 1990 के दशक में कर्नाटक के Hubballi Idgah Maidan विवाद के दौरान चर्चा में आया।
इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1998 में वे धारवाड़ जिले के BJP अध्यक्ष बने और 2014 में कर्नाटक BJP के प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए।
पांच बार बने सांसद
साल 2004 में Pralhad Joshi पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से सांसद चुने गए। इसके बाद उन्होंने लगातार पांच लोकसभा चुनाव जीतकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की।
मोदी सरकार में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां

साल 2019 में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया। उन्होंने Parliamentary Affairs, Coal and Mines जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली।
इसके बाद 2025 में उन्हें New and Renewable Energy तथा Consumer Affairs, Food and Public Distribution मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई।
शिक्षा मंत्री बनने के बाद Pralhad Joshi ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वह इस नई जिम्मेदारी को पूरी विनम्रता और कर्तव्य भावना के साथ निभाएंगे।
सबसे बड़ी चुनौती क्या होगी?
Pralhad Joshi के सामने सबसे बड़ी चुनौती देश के शिक्षा तंत्र में छात्रों का भरोसा दोबारा कायम करना होगी।
हाल के महीनों में NEET Paper Leak विवाद के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। इसी मुद्दे को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए और अंततः शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने इस्तीफा दिया।
रविवार को शिक्षा मंत्री का पद संभालने के बाद Pralhad Joshi ने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक भी की, जिसमें परीक्षा प्रणाली और आगे की योजनाओं पर चर्चा हुई।
अब सभी की नजर नए शिक्षा मंत्री पर
छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि Pralhad Joshi परीक्षा सुधार, पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
निष्कर्ष
Pralhad Joshi मोदी सरकार के सबसे अनुभवी मंत्रियों में गिने जाते हैं। अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके सामने सबसे बड़ी परीक्षा देश की परीक्षा प्रणाली में भरोसा बहाल करना और छात्रों की उम्मीदों पर खरा उतरना होगी।
