Cockroach Janta Party (CJP) के जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के CJP Protest Day 21 वें दिन शिक्षा और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनकी भूख हड़ताल अब स्थिर हो गई है और प्रदर्शन स्थल से उन्हें हटाने की किसी भी कोशिश को उन्होंने संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।

वांगचुक 28 जून से भूख हड़ताल पर हैं। CJP के आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और परीक्षा घोटालों में जवाबदेही की बात कही।
CJP Protest Day 21 सोनम वांगचुक का बयान
मीडिया से बात करते हुए सोनम वांगचुक ने कहा, “आज 13वें दिन मैं ठीक महसूस कर रहा हूं। शुरुआती दिन मुश्किल होते हैं जब शरीर भूख की आदत डालता है। अब भूख स्थिर हो गई है। थोड़ी थकान है, लेकिन ऊर्जा बनी हुई है।”
उन्होंने बताया कि भूख हड़ताल के दौरान उन्होंने मांसपेशियां और वसा दोनों खो दी हैं। “मेरी हड्डियां दिखने लगी हैं, लेकिन मैं अभी भी ऊर्जावान महसूस करता हूं,” उन्होंने कहा।

जब उनसे पूछा गया कि अगर उनकी तबीयत और बिगड़ी तो प्रशासन उन्हें हटा सकता है, तो वांगचुक ने साफ जवाब दिया, “मैं यहां स्वेच्छा से बैठा हूं। मेरी जान को कोई खतरा नहीं है। अगर मुझे हटाया गया तो यह हमारे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन होगा।”
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का हवाला
वांगचुक ने जोर देकर कहा कि CJP का प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है। “देश और दुनिया हमारी लोकतंत्र की स्थिति देख रही है। यह कोई एहसान नहीं है। यह हमारा अधिकार है। अनुच्छेद 19 के तहत हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और हमें उम्मीद है कि यह अधिकार बना रहेगा।”
मांगें और उद्देश्य
सोनम वांगचुक ने कहा कि वे छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। “20 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। हम यहां इसलिए बैठे हैं ताकि अगले साल यह संख्या 40 या 80 न हो जाए।”
उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और कहा कि अगर सरकार मानसून सत्र से पहले इस्तीफा स्वीकार कर ले तो युवाओं का विश्वास वापस लौट सकता है। “अभी युवाओं में बहुत गुस्सा है। अगर सरकार नहीं मानी तो हमें और कदम उठाने पड़ेंगे,” उन्होंने चेतावनी दी।
CJP की स्थिति
CJP प्रवक्ता अशुतोष रंका ने बताया कि सोनम वांगचुक ने 7.5 किलो वजन कम कर लिया है। “उनकी ऊर्जा घट रही है। चलने और बोलने में दिक्कत हो रही है। हमारी मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।”
CJP की मुख्य मांगें हैं — शिक्षा मंत्री का इस्तीफा और परीक्षा में अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच। संगठन ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है।
AISA छात्रों की भूख हड़ताल
All India Students’ Association (AISA) के 6 छात्र अलग मंच पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उनके ब्लड शुगर लेवल खतरनाक स्तर पर पहुंच गए हैं। AISA ने कहा कि छात्र बेहोशी के खतरे में हैं, लेकिन वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक हड़ताल जारी रखेंगे।
परिवार की चिंता
अभिजीत दीपके के पिता भगवान दीपके ने चिंता जताते हुए कहा, “सरकार छात्रों के साथ इतनी बेरहमी कैसे कर सकती है? ये पाकिस्तानी नहीं, भारतीय हैं। क्या सरकार किसी की मौत का इंतजार कर रही है?”
उनकी मां ने भी कहा कि सरकार को 20 जुलाई के बाद फैसला लेना चाहिए था।
विपक्ष का समर्थन
विपक्षी दलों ने सरकार पर नाकामी का आरोप लगाया। कई नेताओं ने वांगचुक और दीपके की सेहत को लेकर चिंता जताई।
निष्कर्ष

CJP Jantar Mantar Protest अब पूरे देश का मुद्दा बन गया है। Sonam Wangchuk Hunger Strike ने इस आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। छात्रों की मांगें जायज हैं और सरकार को अब जल्द से जल्द जवाबदेही दिखानी चाहिए।
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