Sonam Wangchuk Hospitalised Day 21 — CJP Protest के 21वें दिन शिक्षा और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने जबरन सफदरजंग अस्पताल पहुंचा दिया। यह घटना जंतर मंतर पर चल रहे CJP Protest को नया मोड़ दे गई है।
वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। CJP के आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा घोटालों में जवाबदेही की मांग की थी।
घटना का पूरा विवरण
शनिवार सुबह जंतर मंतर पर भारी पुलिस फोर्स पहुंची। सोनम वांगचुक की हालत बिगड़ने के बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल ले जाने का फैसला लिया। इस दौरान CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी।
Sonam Wangchuk Hospitalised Day 21 की इस घटना के बाद तीन छात्र कार्यकर्ता — नेहा बोरा, मनीष और आमीन — अब भी जंतर मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। ये तीनों All India Students’ Association (AISA) से जुड़े हैं।
तीन छात्र कार्यकर्ता कौन हैं?
- नेहा बोरा — जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में PhD स्कॉलर और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष। नेहा ने घटना का वीडियो जारी करते हुए बताया कि सुबह 7 बजे कुछ सादे कपड़ों में लोग स्टेज क्षेत्र में घुसे। कुछ देर बाद भारी पुलिस फोर्स आई और सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर ले गई।
- मनीष — इलाहाबाद विश्वविद्यालय में PhD स्कॉलर और AISA उत्तर प्रदेश प्रभारी।
- आमीन — डॉ. बी.आर. आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली में PhD स्कॉलर।
तीनों छात्र पिछले 20 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। AISA के अनुसार, नेहा का ब्लड शुगर लेवल खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। डॉक्टरों ने उन्हें भूख हड़ताल छोड़ने की सलाह दी है, लेकिन वे हटने को तैयार नहीं हैं।
CJP Protest Day 21 की स्थिति

CJP Jantar Mantar Protest अब पूरे देश का मुद्दा बन गया है। प्रदर्शन 20 जून से NEET, CUET और अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ शुरू हुआ था। मुख्य मांगें हैं — शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच।
CJP प्रवक्ता अशुतोष रंका ने बताया कि सोनम वांगचुक ने 7.5 किलो वजन कम कर लिया है। “उनकी ऊर्जा घट रही है। चलने और बोलने में दिक्कत हो रही है। हमारी मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।”
परिवार की चिंता
अभिजीत दीपके के पिता भगवान दीपके ने चिंता जताते हुए कहा, “सरकार छात्रों के साथ इतनी बेरहमी कैसे कर सकती है? ये पाकिस्तानी नहीं, भारतीय हैं। क्या सरकार किसी की मौत का इंतजार कर रही है?”
उनकी मां ने भी कहा कि सरकार को 20 जुलाई के बाद फैसला लेना चाहिए था।
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने सरकार पर नाकामी का आरोप लगाया। कई नेताओं ने सोनम वांगचुक और अन्य छात्रों की सेहत को लेकर चिंता जताई है।
सरकार की चुप्पी
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। छात्रों और उनके परिवारों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है।
CJP Protest का मकसद

CJP का प्रदर्शन NEET, CUET और CBSE परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है। संगठन की मुख्य मांगें हैं:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
- परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच
- आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा
CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया है।
छात्रों की हालत चिंताजनक
AISA के अनुसार, भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की हालत लगातार बिगड़ रही है। कई छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें JNUSU जॉइंट सेक्रेटरी दानिश, JNU के बराक हॉस्टल प्रेसिडेंट हृषिकेश और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नेता दीपक शामिल हैं।
निष्कर्ष

Sonam Wangchuk Hospitalised Day 21 की घटना ने CJP Jantar Mantar Protest को नया मोड़ दे दिया है। तीन छात्र कार्यकर्ता अब भी भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। उनका कहना है कि वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक हड़ताल जारी रखेंगे।
सरकार को अब जल्द से जल्द इस मुद्दे पर संज्ञान लेना चाहिए, वरना छात्रों का गुस्सा और बढ़ सकता है।
#SonamWangchuk #CJPProtest #JantarMantar #NEETProtest
